नमस्कार दोस्तों आज New Zealand Women vs England Women के खिलाफ इंग्लैंड महिला टीम ने निर्णायक मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूज़ीलैंड महिला टीम को सात विकेट से हराकर टी20 सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। होव में खेले गए तीसरे और आखिरी मुकाबले में इंग्लैंड के गेंदबाज़ों ने ऐसा दबदबा बनाया कि न्यूज़ीलैंड की पूरी टीम सिर्फ 80 रन पर सिमट गई। इसके बाद इंग्लैंड ने बेहद आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया और मैच खत्म होने से 37 गेंद पहले जीत दर्ज कर ली।
इस जीत की सबसे बड़ी वजह इंग्लैंड की बेहतरीन गेंदबाज़ी रही। डैनी गिब्सन और स्टैंड-इन कप्तान चार्ली डीन ने मिलकर न्यूज़ीलैंड की बल्लेबाज़ी की कमर तोड़ दी। गिब्सन ने अपने टी20 करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट लिए, जबकि चार्ली डीन ने भी 3 बल्लेबाज़ों को पवेलियन भेजा।
शुरुआत से ही दबाव में दिखी न्यूज़ीलैंड टीम
न्यूज़ीलैंड की बल्लेबाज़ी की हालत शुरुआत से ही खराब दिखाई दी। इंग्लैंड की गेंदबाज़ों ने लाइन और लेंथ इतनी शानदार रखी कि बल्लेबाज़ खुलकर खेलने की कोशिश में लगातार गलतियां करती रहीं।
अनुभवी बल्लेबाज़ सूजी बेट्स को टीम में वापस लाया गया था ताकि टॉप ऑर्डर को मजबूती मिले, लेकिन वह ज्यादा देर टिक नहीं पाईं। उन्होंने 11 गेंदों में सिर्फ 3 रन बनाए और रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश में कैच दे बैठीं।
दूसरी ओर इज़ी गेज़ ने कुछ आक्रामक शॉट लगाए और शुरुआत में थोड़ी उम्मीद जगाई, लेकिन चार्ली डीन ने उन्हें बोल्ड कर इंग्लैंड को बड़ी सफलता दिला दी। पावरप्ले खत्म होते-होते न्यूज़ीलैंड दबाव में पूरी तरह फंस चुका था।
डैनी गिब्सन ने मैच पलट दिया
असल झटका तब लगा जब डैनी गिब्सन गेंदबाज़ी के लिए आईं। उन्होंने पहले मेली केर को आउट किया और फिर कप्तान सोफी डिवाइन को बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया।
सोफी डिवाइन इस सीरीज में शानदार फॉर्म में थीं। पिछले दो मैचों में उन्होंने 45 और 87 रन की शानदार पारियां खेली थीं। ऐसे में उनका जल्दी आउट होना न्यूज़ीलैंड के लिए बहुत बड़ा झटका साबित हुआ।
29 रन पर दो विकेट से टीम देखते ही देखते 30 रन पर चार विकेट खो चुकी थी। इंग्लैंड की खिलाड़ी लगातार दबाव बनाती रहीं और न्यूज़ीलैंड की बल्लेबाज़ों को संभलने का मौका ही नहीं मिला।
चार्ली डीन की कप्तानी और गेंदबाज़ी दोनों शानदार
नैट साइवर-ब्रंट की गैरमौजूदगी में कप्तानी संभाल रहीं चार्ली डीन ने हर मोर्चे पर कमाल किया। उन्होंने गेंदबाज़ी में तो विकेट लिए ही, साथ ही कप्तानी में भी बेहतरीन फैसले किए।
ब्रुक हॉलिडे के खिलाफ लिया गया उनका डीआरएस फैसला मैच का अहम मोड़ साबित हुआ। मैदान पर अंपायर ने आउट नहीं दिया था, लेकिन डीन ने तुरंत रिव्यू लिया और रिप्ले में बल्लेबाज़ साफ तौर पर एलबीडब्ल्यू आउट निकलीं।
चार्ली डीन ने जिस तरह से गेंदबाज़ों को इस्तेमाल किया और फील्ड सेट की, उससे साफ दिखा कि इंग्लैंड की टीम पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी थी।
सोफी एक्लेस्टोन की वापसी से मजबूत हुई इंग्लैंड
दूसरे टी20 मैच में चोट की वजह से बाहर रहने वाली स्टार स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन ने इस मुकाबले में शानदार वापसी की। उन्होंने बेहद किफायती गेंदबाज़ी की और बल्लेबाज़ों को खुलकर रन बनाने का मौका नहीं दिया।
एक्लेस्टोन ने सिर्फ 11 रन देकर एक विकेट लिया। उनकी मौजूदगी से इंग्लैंड का गेंदबाज़ी आक्रमण और ज्यादा खतरनाक नजर आया।
इसी दौरान इज़ी वोंग ने भी अहम विकेट लेकर न्यूज़ीलैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जेस केर टीम की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज़ रहीं, लेकिन वह भी सिर्फ 20 रन ही बना सकीं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इंग्लैंड की गेंदबाज़ी कितनी प्रभावी रही।
टी20 वर्ल्ड कप से पहले बढ़ी न्यूज़ीलैंड की चिंता
यह हार न्यूज़ीलैंड महिला टीम के लिए चिंता बढ़ाने वाली है क्योंकि अगले महीने उन्हें टी20 वर्ल्ड कप खेलना है और वे डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर मैदान में उतरेंगी।
पूरी सीरीज में न्यूज़ीलैंड की बल्लेबाज़ी अस्थिर नजर आई। कुछ खिलाड़ियों ने अच्छी पारियां जरूर खेलीं, लेकिन टीम लगातार साझेदारी बनाने में नाकाम रही।
खासतौर पर टॉप ऑर्डर का बार-बार जल्दी आउट होना टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय है। अनुभवी खिलाड़ियों से जिस स्थिरता की उम्मीद थी, वह देखने को नहीं मिली।
अगर टीम को वर्ल्ड कप में अच्छा प्रदर्शन करना है तो बल्लेबाज़ी में सुधार करना बेहद जरूरी होगा।
आसान रहा इंग्लैंड का रन चेज
81 रन का लक्ष्य इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के लिए ज्यादा मुश्किल नहीं था। हालांकि टीम ने शुरुआती विकेट जल्दी गंवा दिए थे।
एलिस कैप्सी पहली ही गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गईं। इसके बाद सोफिया डंकले ने कुछ अच्छे शॉट लगाए और 22 रन बनाए, लेकिन वह भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं।
न्यूज़ीलैंड को एक मौका तब मिला जब मेली केर ने हीदर नाइट का विकेट लिया, लेकिन तब तक मैच काफी हद तक इंग्लैंड की पकड़ में आ चुका था।
माया बाउशियर ने शांत अंदाज में बल्लेबाज़ी करते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया। इंग्लैंड ने सिर्फ तीन विकेट खोकर मुकाबला खत्म कर दिया।
यह भी पढे: Women’s T20 World Cup 2026 schedule: पूरा शेड्यूल, ग्रुप्स, तारीख और सभी मैचों की जानकारी
भारत सीरीज से पहले इंग्लैंड को मिला बड़ा आत्मविश्वास
इस जीत से इंग्लैंड टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ेगा क्योंकि अब उसे भारत के खिलाफ अहम टी20 सीरीज खेलनी है।
टीम अभी भी अपनी नियमित कप्तान नैट साइवर-ब्रंट और ओपनर डैनी वायट-हॉज के बिना खेल रही है, लेकिन इसके बावजूद कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया।
डैनी गिब्सन, चार्ली डीन, लिन्सी स्मिथ और माया बाउशियर जैसी खिलाड़ियों ने साबित किया कि इंग्लैंड की टीम में गहराई काफी मजबूत है।
सबसे बड़ी बात यह रही कि पिछले मैच में हारने के बाद इंग्लैंड ने जिस तरह वापसी की, उसने टीम के मानसिक मजबूत होने का भी संकेत दिया।
इंग्लैंड ने हर विभाग में दिखाई ताकत
अगर पूरे मुकाबले की बात करें तो इंग्लैंड ने बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी और फील्डिंग तीनों विभागों में न्यूज़ीलैंड को पीछे छोड़ दिया।
शुरुआत से लेकर आखिरी गेंद तक मैच पर इंग्लैंड का पूरा नियंत्रण रहा। न्यूज़ीलैंड की टीम कभी मुकाबले में वापसी करती नजर नहीं आई।
new zealand women vs england women सीरीज का यह आखिरी मुकाबला पूरी तरह इंग्लैंड के नाम रहा, जहां उनकी गेंदबाज़ों ने मैच जीतने की नींव रखी और बल्लेबाज़ों ने बिना दबाव के काम पूरा कर दिया।

