Who is Prema Rawat? महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान यह सवाल अचानक क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गया, जब भारत की युवा लेग स्पिनर प्रेमा रावत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिला। 24 वर्षीय प्रेमा को टीम में घायल श्रेयंका पाटिल की जगह शामिल किया गया और उन्होंने सीधे वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर भारत की जर्सी पहनकर अपने करियर की नई शुरुआत की।
वर्ल्ड कप में मिला बड़ा मौका
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए मुकाबले से पहले टीम इंडिया को झटका तब लगा जब ऑलराउंडर श्रेयंका पाटिल चोटिल हो गईं। नीदरलैंड्स के खिलाफ मैच में उनके टखने में चोट लगी थी, जिसके बाद उन्हें मैदान से बाहर ले जाना पड़ा। इसी वजह से टीम मैनेजमेंट ने प्रेमा रावत को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने का फैसला किया।
मैच के टॉस के दौरान कप्तान हरमनप्रीत कौर ने प्रेमा के डेब्यू की पुष्टि की। हरमनप्रीत ने कहा कि वर्ल्ड कप में डेब्यू करना किसी भी खिलाड़ी के लिए खास पल होता है और प्रेमा दबाव में भी काफी शांत नजर आती हैं।
कौन हैं प्रेमा रावत?
अगर आप जानना चाहते हैं कि Who is Prema Rawat? तो बता दें कि प्रेमा रावत उत्तराखंड के बागेश्वर जिले से आती हैं। वह एक लेग स्पिन गेंदबाज हैं और अपनी शानदार फील्डिंग के लिए भी जानी जाती हैं। क्रिकेट के अलावा उन्होंने अपने शुरुआती दिनों में एथलेटिक्स और हॉकी में भी हाथ आजमाया था।
हालांकि स्कूल की पढ़ाई के आखिरी वर्षों में उन्होंने क्रिकेट को अपना करियर बनाने का फैसला किया। परिवार के समर्थन और लगातार मेहनत की बदौलत उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई।
WPL ने बदल दी किस्मत
प्रेमा रावत पहली बार देशभर में तब चर्चा में आईं जब महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2025 के ऑक्शन में उन्हें 1.2 करोड़ रुपये की बड़ी बोली मिली। इस मौके ने उनके करियर को नई दिशा दी।
स्मृति मंधाना की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन्हें अपने साथ जोड़ा। टीम के सपोर्ट स्टाफ ने उन्हें ऐसा खिलाड़ी बताया जो गेंदबाजी, फील्डिंग और अन्य विभागों में भी योगदान देने की क्षमता रखती हैं।
WPL में मिले अनुभव ने प्रेमा के खेल को और निखारा। दुनिया की कई दिग्गज खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने बड़े मंच पर खुद को साबित करने की तैयारी की।
इंडिया ए टीम में भी किया शानदार प्रदर्शन
राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजर प्रेमा पर तब और मजबूत हुई जब उन्होंने इंडिया ए टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। विमेंस एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 8 विकेट हासिल किए।
उनकी लाइन-लेंथ, स्पिन और मैच के अहम मौकों पर विकेट निकालने की क्षमता ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। यही वजह रही कि उन्हें भारत की सीनियर टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर भी रखा गया और आखिरकार वर्ल्ड कप में डेब्यू का मौका मिल गया।
भारतीय महिला क्रिकेट का नया चेहरा बनने की उम्मीद
प्रेमा रावत का सफर उन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं। उत्तराखंड के बागेश्वर से निकलकर भारतीय टीम तक पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन उनकी मेहनत और लगातार प्रदर्शन ने उन्हें यह मुकाम दिलाया।
अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने इस सुनहरे मौके का कितना फायदा उठा पाती हैं। अगर वह घरेलू क्रिकेट और इंडिया ए की तरह ही प्रदर्शन जारी रखती हैं, तो आने वाले वर्षों में भारतीय महिला क्रिकेट की अहम खिलाड़ी बन सकती हैं।
महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में मिला यह डेब्यू प्रेमा रावत के करियर का सिर्फ पहला कदम है। आगे का सफर उनके प्रदर्शन और मेहनत पर निर्भर करेगा, लेकिन फिलहाल उन्होंने भारतीय क्रिकेट में अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है।

