Ben Stokes Announces Retirement की खबर ने क्रिकेट जगत को चौंका दिया है। इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जा रही तीसरी टेस्ट मैच के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया। उनके इस ऐलान ने न सिर्फ इंग्लैंड टीम बल्कि दुनियाभर के क्रिकेट प्रशंसकों को भी हैरान कर दिया है।
बताया जा रहा है कि स्टोक्स ने चौथे दिन का खेल शुरू होने से पहले अपने साथियों और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) को अपने फैसले की जानकारी दे दी थी। इसके बाद यह खबर सार्वजनिक हुई और देखते ही देखते पूरी क्रिकेट दुनिया में चर्चा का विषय बन गई।
विवादों के बाद लिया बड़ा फैसला
पिछले कुछ दिनों से बेन स्टोक्स लगातार सुर्खियों में बने हुए थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरी टेस्ट से पहले एक नाइट क्लब विवाद और टीम के नाइट कर्फ्यू का उल्लंघन करने की खबर सामने आई थी। इसके बाद उन्हें दूसरे टेस्ट से बाहर रहना पड़ा और उनकी कप्तानी को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी थीं।
हालांकि बाद में स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन को लिखित चेतावनी देकर टीम में वापस शामिल कर लिया गया। स्टोक्स ने तीसरे टेस्ट में कप्तान के रूप में वापसी भी की, लेकिन इसी मुकाबले के दौरान उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को समाप्त करने का फैसला कर लिया।
इंग्लैंड क्रिकेट के लिए बड़ा नुकसान
बेन स्टोक्स का संन्यास इंग्लैंड क्रिकेट के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं माना जा रहा है। पिछले कई वर्षों से वह टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदलने की उनकी क्षमता ने उन्हें दुनिया के बेहतरीन ऑलराउंडरों की सूची में शामिल किया।
उन्होंने करीब 15 साल तक इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व किया और पिछले चार वर्षों से टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली। कप्तान के रूप में उन्होंने टीम में आक्रामक सोच और जीत की मानसिकता विकसित करने में अहम भूमिका निभाई।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनके बाद इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कमान किस खिलाड़ी को सौंपी जाएगी।
यादगार पारियों से भरा रहा करियर
बेन स्टोक्स ने अपने करियर में कई ऐसी पारियां खेलीं जिन्हें क्रिकेट इतिहास लंबे समय तक याद रखेगा।
साल 2019 के वनडे विश्व कप फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी नाबाद 84 रन की पारी इंग्लैंड की पहली विश्व कप जीत की सबसे बड़ी वजहों में गिनी जाती है। दबाव से भरे उस मुकाबले में स्टोक्स ने जिस संयम और साहस का परिचय दिया, उसने उन्हें दुनिया के सबसे बड़े मैच विनर्स में शामिल कर दिया।
इसी साल एशेज सीरीज के दौरान हेडिंग्ले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई उनकी नाबाद 135 रन की पारी आज भी टेस्ट क्रिकेट की सबसे बेहतरीन पारियों में गिनी जाती है। लगभग हार चुके मुकाबले को उन्होंने अकेले दम पर इंग्लैंड के पक्ष में पलट दिया था।
इसके अलावा 2016 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन टेस्ट में उन्होंने 258 रन की शानदार पारी खेली, जो उनके टेस्ट करियर का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर रहा।
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सिर्फ आंकड़ों से नहीं, जज्बे से बने महान खिलाड़ी
बेन स्टोक्स का नाम केवल उनके रिकॉर्ड्स की वजह से नहीं लिया जाएगा, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में टीम को जीत दिलाने के जज्बे के कारण भी उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कई ऐसे मुकाबले जिताए, जहां जीत की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी।
एक ऑलराउंडर, कप्तान और मैच विनर के रूप में उन्होंने इंग्लैंड क्रिकेट को नई पहचान दी। बड़े मुकाबलों में उनका प्रदर्शन हमेशा अलग स्तर का रहा और यही वजह है कि उन्हें आधुनिक दौर के सबसे प्रभावशाली क्रिकेटरों में गिना जाता है।
Ben Stokes Announces Retirement के साथ इंग्लैंड क्रिकेट के एक सुनहरे दौर का अंत हो गया है। हालांकि उनका अंतरराष्ट्रीय सफर अब खत्म हो चुका है, लेकिन क्रिकेट के मैदान पर उनकी यादगार पारियां, शानदार कप्तानी और मैच जिताने वाले प्रदर्शन हमेशा प्रशंसकों के दिलों में जिंदा रहेंगे।

